Vice President Election India : भारत को मिला अपना 15वां नया उप राष्‍ट्रपति, जानिए नए उप राष्‍ट्रपति के बारे में सब‍कुछ

Vice President Election India : भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव कल संपन्‍न हुआ जिसमें एनडीए के उम्‍मीदवार सी.पी.राधाकृष्‍णन भारत के नए 15वें उप-राष्‍ट्रपति चुने गए।

Vice President Election India : कल हुए भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव का नतीजा देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व उप राष्‍ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्‍तीफे के बाद भारत को अपना 15वां नया उपराष्ट्रपति मिल गया है । एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्‍मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से शिकस्‍त दी ।

2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव की जरूरत तब पड़ी जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य के कारण अचानक इस्तीफा दे दिया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, रिक्त पड़े उपराष्ट्रपति पद के लिए ‘शीघ्र चुनाव’ कराना अनिवार्य था। इसी संवैधानिक आवश्यकता के चलते 9 सितंबर 2025 को संसद परिसर में मतदान हुआ। इस बार यह चुनाव एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी INDIA गठबंधन के जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच हुए।

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कैसे होता है उप-राष्‍ट्रपति का चुनाव ?

Vice President Election India : चुनाव संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के कुल 781 सांसदों के लिए आयोजित हुआ। मतदान का दौर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले वोट डाला। मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय और संविधान के अनुरूप रही। इस बार वोटिंग दर बेहद ज्यादा रही—लगभग 98% सांसदों ने अपने मत अधिकार का उपयोग किया। इस प्रक्रिया ने लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाया।

रात में वोटों की गिनती के बाद रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी. मोदी ने घोषणा की कि एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए। कुल 752 वोट वैध पाए गए जबकि 15 वोट अवैध घोषित हुए, और 14 सांसदों ने मतदान नहीं किया। राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह अंतर पिछले उपराष्ट्रपति चुनावों के मुकाबले कम रहा, जिससे विपक्ष की रणनीति व मजबूती भी चर्चा में आई। [3][2][6][5]

उम्मीदवारदलप्राप्त वोटप्रतिशत
C.P. Radhakrishnanएनडीए/बीजेपी45260.10%
B. Sudershan Reddyविपक्ष/INDIA30039.90%

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जीत के मायने

Vice President Election India : इस बार चुनावी जीत सिर्फ संख्याबल की नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति व राष्ट्रीय विचारधारा की भी रही। सी.पी. राधाकृष्णन को एनडीए के बेहतर ‘फ्लोर मैनेजमेंट’, सांसदों की एकजुटता और सत्ताधारी दल की ‘मैसिव आउटरीच’ का फायदा मिला। वहीं विपक्ष ने भी पहले के मुकाबले ज्यादा वोट पाकर मोरल जीत का दावा किया और कहा कि उनकी विचारधारा की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

चुनाव परिणाम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने सी.पी. राधाकृष्णन को बधाई दी। पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ने भी अपने संदेश में राधाकृष्णन के नेतृत्व और अनुभव की सराहना की। दिल्ली में एनडीए कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और नई उम्मीदों के साथ स्वागत किया। विपक्ष ने अपनी तरफ से मान्यता दी कि चुनाव परिणाम संख्याबल से तय हुआ, लेकिन वे अपनी वैचारिक लड़ाई जारी रखेंगे।


विपक्ष की रणनीति और क्रॉस-वोटिंग

Vice President Election India : इस चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की संभावना भी सामने आई, क्योंकि विपक्ष के खाते में अनुमान से कम वोट आए और कुछ वोट अवैध घोषित हुए। ऐसे में चुनावी हलकों में Oppo MPs द्वारा NDA उम्मीदवार के पक्ष में मतदान की चर्चा रही। इससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल भी उठे, लेकिन उन्होंने इसे ‘मोरल सेटबैक’ ना मानते हुए केवल ‘संख्याबल की हार’ कहा।


कल के उपराष्ट्रपति चुनाव ने भारतीय लोकतंत्र को फिर से जीवंत कर दिया। वरिष्ठ नेता, मजबूत रणनीति व उच्च मतदान दर ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन ने 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाल लिया है। अब देश को उनसे नई ऊर्जा, निष्पक्ष नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका कार्यकाल कितना सफल रहेगा, यह अगले कुछ सालों में स्पष्ट होगा।

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