हाल ही में रेलवे ने एक घोषणा कर यात्रियों को बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। अब रेलवे अपने तत्काल नियमों में बड़ा फेरबदल करने जा रही है। इसके द्वारा टिकटों में होने वाली धांधली को रोकने में काफी सहायता मिलेगी । रेलवे तत्काल टिकट को आधार से ऑथेंटिकेट करने की प्रक्रिया पर विचार कर रही है। अब तत्काल टिकट से केवल वही यात्री यात्रा कर पाएंगे जिसने टिकट को आधार से ऑथेंटिकेट कर रखा होगा।
आपको बता दें कि एसी तत्काल टिकट विंडो सुबह 10 बजे ओपन होती है और स्लीपर की तत्काल टिकट विंडो सुबह 11 बजे ओपन होती है और दोनों विंडो के ओपन होने के 2 मिनट के अंदर ही सारे टिकट बुक हो जाते हैं । इसका कारण यह होता है कि कई एजेंट लोग फर्जी एजेंट आई डी बनाकर टिकटों की कालाबाजारी करते हैं और टिकटों को दोगुने कीमत में यात्रियों को बेचते हैं। आमजन को इससे काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस नियम के आने के बाद एजेंट लोग किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे, उन्हें टिकट बुक करते समय यात्री का वह मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा जो आधार से लिंक है उस नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से ही वह तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे। जिस भी यात्री की आईआरसीटीसी की आई-डी आधार सक्षम नहीं है या उस यात्री का ईकेवाईसी नहीं हो रखा है तो वह तत्काल ओपन के पहले 10 मिनट में तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। उन यात्रियों को 10 मिनट उपरांत ही तत्काल टिकट करने का मौका मिलेगा।
आपको ज्ञात होगा कि रेलवे ने अभी हाल ही में प्री बुकिंग आरक्षण की समय अवधि को घटाकर के 60 दिनों का कर दिया है । इससे भी रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी पर काफी हद तक रोक लगाई है।