SSC Protest: केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने मीटिंग में की शिक्षकों की सारी मांगें पूरी । 55,000 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा दोबारा परीक्षा देने का मौका

SSC Protest : Staff Selection Commission की चयन पोस्ट फेज-13 परीक्षा एवं एग्‍जाम सेंटर की अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर 31 जुलाई को मिलकर प्रदर्शन किया । आइए जानते हैं क्‍या था पूरा घटना –

SSC Protest : Staff Selection Commission हर वर्ष कई पदों पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित करवाता है। हाल ही में एसएससी ने टीसीएस को हटाकर के Eduquity को अपना वेंडर सौंप दिया था जिसके बाद से ही अभ्‍यर्थियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इन्‍हीं गड़बड़ियों और अनियमितताओं की वजह से देशभर में अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया।

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विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?

  • अभ्‍यर्थियों को परीक्षा सेंटर उनकी सिटी से 400-500 किमी दूर दिया गया।
  • कई सेंटरों पर अचानक परीक्षा रद्द की गई जिससे अभ्‍यर्थियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • सर्वर क्रैश, सिस्टम और उपकरणों की खराबी।
  • नए परीक्षा वेंडर Eduquity की नाकामी।
  • कई प्रश्नपत्रों में गलत सवाल और बायोमेट्रिक सिस्टम की समस्या।
  • कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों के साथ बहुत बुरा व्‍यवहार किया गया यहां तक कि पुलिस कार्रवाई की भी नौबत आ गई ।

इन सब मुद्दों पर #SSCMisManagement, #SSCSystemSudharo, #SSCVendorFailure जैसे हैशटैग्स सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। सभी शिक्षकों ने इन्‍हीं सब अव्‍यवस्‍थाओं को लेकर पारदर्शिता, तकनीकी खामियों का समाधान, Eduquity का कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने और निष्पक्ष जांच की माँग की।

जंतर-मंतर पर शिक्षकों और छात्रों का एकजुट प्रदर्शन

31 जुलाई 2025 को ‘दिल्ली चलो’ आह्वान के तहत दिल्ली के जंतर-मंतर और DoPT (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) कार्यालय के बाहर हजारों छात्र-शिक्षक पहुंच गए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई शिक्षकों को हिरासत में लिया । इनमें कुछ प्रमुख टीचर जो हिरासत में लिए गए उनमें राकेश यादव सर, शिक्षिका नीतू मैम, आदित्‍य रंजन सर आदि शामिल थे, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से शिक्षकों की बैठक और क्या फैसला हुआ?

इस विरोध के बाद SSC के शिक्षकों और कोचिंग संचालकों ने केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस अहम बैठक में मंत्री ने कई महत्वपूर्ण ऐलान किए:

  • जिन छात्रों को परीक्षा सेंटर पर व्यवधानों का सामना करना पड़ा, उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। लगभग 55,000 ऐसे छात्रों की सूची बनाई जा रही है।
  • अगर किसी सवाल को चैलेंज करने पर छात्र का उत्तर सही पाया जाता है, तो ₹100 की फीस पूरी तरह वापस की जाएगी।
  • CPO का परीक्षा परिणाम एक सप्ताह में घोषित किया जाएगा।
  • MTS/SSC CGL में वेटिंग लिस्ट की बजाए ‘स्लाइडिंग रैंक सिस्टम’ लागू होगा, जिससे सीटें खाली न रहें।
  • SSC CGL परीक्षा तय कार्यक्रम (13 अगस्त से) पर ही होगी, कोई बदलाव नहीं।
  • शिक्षकों को आश्वासन दिया गया कि परीक्षा संचालन SSC की जिम्मेदारी है; वेंडर किसे चुना गया, इससे शिक्षक चिंतित न हों।
  • रेलवे परीक्षाओं में देरी पर भी मीटिंग होगी।

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क्यों महत्वपूर्ण है ये फैसले?

इन फैसलों से वे लाखों अभ्यर्थी राहत की सांस ले सके जिन्हें तकनीकी समस्याओं या परीक्षा केंद्रों के बेतुके आवंटन की वजह से नुकसान उठाना पड़ा। परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग को सरकार ने आंशिक रूप से मान लिया है। हालांकि, कई छात्र लगातार निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की माँग कर रहे हैं और अगले कुछ दिनों तक आंदोलन की संभावना बनी हुई है।

निष्कर्ष

SSC Phase 13 परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के विरोध में उठी छात्र और शिक्षक आवाज़, सरकार को सख्त और तेज़ फैसले लेने को मजबूर कर गई। जितेंद्र सिंह की मीटिंग में घोषित रि-एग्ज़ाम, फीस रिफंड और अन्य सुधारात्मक कदम परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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